मानव पाचन तंत्र के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

Know about Human Digestive System

पाचन तंत्र में भोजन कैसे पचता है ?

How does food digestion in the digestive system?

मानव पाचन तंत्र के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

मानव पाचन तंत्र

सबसे पहले जानते है मानव पाचन तंत्र के प्रमुख अंग आंत के बारे में –
आंत तंत्र पाचन तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। आप को जानकर हैरानी होगी की आंत का साईज 30 फिट तक हो सकता है। आंत हमारे मुंह से गुदा द्वार तक जाती है। आंत तंत्र हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अनिवार्य एवं महत्वपूर्ण होता है। यह जीवन भर हमें स्वस्थ बनाये रखने के लिए काम करता हैं आंत ही हमारे शरीर का व द्वार है, जिसके द्वारा सभी पोषक तत्व, विटामिन, खनिज व तरल पदार्थ हमारे शरीर में प्रवेश करते है।

हमारा आंत तंत्र सभी खाद्य पदार्थो व को विखण्डित व अवशेषित करता है, जिनकी आवश्यकता हमें जीवित रखने के लिए हमारे शरीर को रहती है। शरीर के विभिन्न अंग पाचन प्रक्रिया में अपने सहयोग देते हैं इसके लिए हमारे दांत एवं जबड़े भोजन को चबाने का कार्य करते हैं इस प्रक्रिया के लीवर को पित्त उत्पन्न करने का प्रोत्साहन मिलता है इसलिए खाना ज्यादा के ज्यादा चबा कर खाना चाहिए इसके मुंह में बनने वाली लार भी भोजन को पचाने में मदद करती है।

लीवर द्वारा पित्त की उत्पत्ति हमारी पाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भेमिका निभती है। जब हमें भूख लगी होती हे उस अन्तराल में पित्त पित्ताशय में इक्ट्ठा हो जाता है इसके बाद यह छोटी आंत में चला जाता है।

Human Digestive System


आंत तन्त्र के कितने भाग होते है ?

  • मुंह,
  • ग्रासनली
  • आमश्य
  • छोटी आंत
  • बड़ी आंत
  • मलतन्त्र व गुदा


इसके अतिरिक्त शरीर के कुछ दूसरे अंग भी पाचन प्रक्रिया में सहायता करते है, मगर इन्हें पाचन तंत्र का भाग नहीं समझा जाता हैं, ये अंग जीभ, हमारे मुंह के अन्दर की ग्रन्थियां जो लार का उत्पादन करती हैं ।

आंत तन्त्र के महत्वपूर्ण कार्य

  1. खाद्य पदार्थो का भण्डारण करना
  2. पाचन तन्त्र के विभिन्न अंगो द्वारा उत्पन्न पाचन रसों को भोजन में मिश्रत करके उन्हें विखण्डित करने के बाद पाचन योग्य बनाना।
  3. मुंह के भीतर चबाने जाने के बाद इस मित्रत भोजन को ग्रासनली, आमाश्य, ग्रहणी, छोटी आंत, बड़ी आंत से होते हुए गुदा द्वार तक ले जाया जाता है।
  4. विशेषकर छोटी आंत एवं दुसरे अंगो से रक्त में पोषक तत्वों का अवशेषण करवाता है।
digestive system function

जाने पाचन क्रिया का क्या मतलब है ?


पाचन क्रिया उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें हामरे शरीर का पाचन तन्त्र खाद्य पदार्थो को विखण्डित करके शरी द्वारा अवशोषित किये जाने लायक बना देता हे, जिसको हामारा शरीर आवश्यकतानुसार उर्जा की प्राप्ति, शरी के विकास एवं कसकी मरम्मत करने के लिए प्रयोग कर सकें। पाचन क्रिया की अवधि में एक ही समय में दो प्रमुख प्रक्रियायें होती है। ये इस प्रकार हैं –

यांत्रिक पाचन
पाचन क्रिया की इस अवस्था में भोजन के बड़े-बड़े टुकड़ो को छोटे-छोटे टुकड़ो में तोड़ा जाता है, इसके बाद रासायनिक या द्वितीय स्तर की पाचन प्रक्रिया में प्रयुक्त होते है। यह यांत्रिक पाचन मुख से आरम्भ होकर आमाश्य तक चलता है।

मुंह
मुंह में भोजन चबाया जाता है, जो बाद में निगल लिया जाता है। मुंह के अन्दर बनने वाले राल (सलाईवा) में पाचन रस होता है, जो स्टार्च को ग्लूकोज में बदल देता है।

ग्रास नली
ग्रास नली में भोजन प्रवेश करता है और यहां से आमाश्य में प्रवेश करता है।

आमाश्य
आमाश्य की मांसपेशियां गैस्ट्रिस तरल उत्पन्न करती है जिससे प्रोटीज नामक एंजाइम होता है जो प्रोटीन को तोड़ कर अमीनो एसिड उत्पन्न करता है।

छोटी आंत
छोटी आंत में एमाइलेज, प्रोटीन एवं लाईपेज नामक एंजाइम बनते है जो चर्बी यां वसा को विखिण्डत करता है । और इसके अतिरिक्त यहां पर वसा, प्रोटीन एव कार्बोहाइड्रेट को तोड़ कर पचाता है।

बड़ी आंत
जो भोजन पचने से रह जाता है, वह बड़ी आंत में चला जाता है। इस स्थान पर पानी से मिलकर यह बचा-खुचा पदार्थ मल में परिवर्तित हो जाता है।

मलतन्त्र
इस स्थान पर मल जमा हो जाता है जो गुदा द्वार से बाहर निकल जाता है।

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